आप सबो के आशिर्वाद ले सकेले मोर छोटकुन उदिम "" पाँखी काटे जाही "" छत्तीसगढ़ी गजल संग्रह के विमोचन सृजन संवाद भवन शा. दिग्विजय महाविद्यालय राजनांदगांव मा गुरुजन साहित्यकार विद्वान सुधिजन के उपस्थिति मा होइस। जेमा गुरुदेव अरूण कुमार निगम जी गुरुदेव डा. दादूलाल जोशी जी शोध निदेशक डा. शंकरमुनी राय जी राजीव यदू दीनदयाल साहू के सँग वरिष्ठ साहित्यकार मन के सहयोग अउ आशिर्वाद मिलिस। आप सबो के आशिष बने रहय।
Monday, 6 February 2023
Saturday, 28 January 2023
सुरता 28 जनवरी 2023,
सुरता 28 जनवरी 2023,
*छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग द्वारा रायपुर म आयोजित कार्यक्रम में गुरुदेव निगम जी के वक्तव्य अउ छंद परिवार के साधकगण
🙏🙏🙏🙏
Saturday, 7 January 2023
पुष पुन्नी मेला *अमरधाम चटुवा पुरी* 06/01/2023
*रिपोतार्ज*
पुष पुन्नी मेला *अमरधाम चटुवा पुरी* 06/01/2023
कवर्धा कबीरधाम ले पाँच साथी बेमेतरा होवत प्रस्थान करेन|
बहुत ही अधिक भीड़ रहिस, कार दो किलोमीटर पहली ही खड़ा करे ल पड़ीस। सोचत रहेन के शिवनाथ ले नाव म पार करबो, अइसे एकर बर कि प्रो.डहरिया साहब ल इतना दुरिहा चलत नइ देखे रहेंन। उन मन बड़ जुझारु हिम्मत दिखाइन अउ हमन खुद ल आईना। भीड़ के प्रवाह म चलना आसान हो गय। रपटा ले होके हमन नदी पार करेन। हम खुश होएन अउ चकित घलो, उतार अउ चढ़ाव भरे रास्ता हमन बिना श्रम के चल लिएन। पौन घण्टा बाद हमन मंदिर परिसर मा रहेन अउ सामने रहिंन श्रद्धालुमन के लंबा कतार। भीड़ देख डहरिया साहब यह कहत हुए परिसर म ही रुक गय कि जूता मन ठोकर खा खाके एति- वोती हो जाही, मैं इनला देखत हवँव, जूतामन ल उतार दिएन, पैर और सिर में पानी छिड़क के बिना कोई देरी किए, सीधा श्रद्धालुमन के कतार म लग गएन। व्यवस्था बहुत अच्छा रहिस, कुछ ही समय म हमन ल मंदिर म प्रवेश मिल गय। परमपूज्य गुरु अमरदास बाबा के श्री चरणों म नारियल और भाव पुष्प अर्पित कर कुछ देर यूँ ही हाथ जोड़कर शान्त चित्त प्रार्थना के मुद्रा म खड़े तन मन आत्मा ल समर्पित करे हवन|भीड़ अउ कोलाहल के बीच म घलो अप्रतिम शान्ति रहिस, शीतलता सुकुन देवत रहिस।
चटुवापुरी धाम सतनाम साधक मन बर साधना के एक लोकप्रसिद्ध केंद्र हरय। दूर-दूर ले सतनाम साधक गुरु अमरदास बाबा जी के आशीर्वाद लेहे बर , वर्ष भर इहाँ पहुँचत रहिथें।
एहू बछर दिल्ली ,हरियाणा,पंजाब, नारलौर, नागपुर. भोपाल ,आसाम, पं बंगाल ,झारखण्ड ,ओडिसा, मध्य प्रदेश ले संतजन, श्रद्धालु मन दर्शन करे आय रहिन|संतजन मन, श्रद्धाभक्ति ले अनुयायी मन छत्तीसगढ़ के तो सबो जिला ले आथे| समाधी के पास बैठे म गुरु के सानिध्य के परम अहसास, आभास होवत रहिस। मस्तिष्क गुरु के महिमा ल सुमरत स्मृत करन लगिस। मन और हृदय भक्ति भाव ले भर जावत रहिस। शरीर सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास ले लबरेज हो जाथे।
नारियल के प्रसाद प्रोफेसर साहब ल दियेन साथ ही धन्यवाद भी। जूता पहने हवन और फिर ले भीड़ म समा गएन, थोड़ी दूर आगे बढ़े हवन कि भाई लक्ष्मीनारायण अनंत बिल्कुल सामने आ दिखिन, चेहरा म मुस्कराहट लिए भाई हर सबो के अभिवादन करिन। भोजन भण्डारा म घण्टों सेवा देवत भाई मंदिर के ओर ही उन्मुख, होय रहिन। हाथ पकड़कर हमन ल भोजन भण्डारा डहन ले गइन|
भीड़ ले कुछ किनारा होय रहेन के देखत ही हाथ हिलाकर एक चिरपरिचित चेहरा हमन ल इशारा करत रहँय। सिर म सफेद गम्छे की पगड़ी, हाथों में सतगुरु कैलेण्डर, दाढ़ी और मूंछ के काले केश के बीच झक्क चमकते दांत, हट्टा-कट्टा मजबूत आदमी। भाई आसकरण दास जोगी जी,आप एक परिपक्व कलमकार के साथ म समाज के सजग प्रहरी आवँय, जब भी मिलथे तव कसके गले लगाथे। कुछ देर एक दूसर के हाल-हवाला पूछत-बतावत और फिर सतगुरु कैलेण्डर के एक-एक प्रति लेकर खड़े हो गएन। बायें ले दायें आसकरण दास जोगी, लक्ष्मीनारायण अनंत, सुखदेव सिंह"अहिलेश्वर", महु माने अश्वनी कोसरे "रहँगिया", प्रो.संतोष डहरिया और खोजनदास डिंडोरे। महंत महेंद्र जाँगड़े जी अपन एक अन्य परिचित ले मिले लग गइन हें, और खींच ले गइस कुछ संग्रहणीय फोटोग्राफ्स।
मंदिर के पीछे के तरफ ले लगभग दो सौ मीटर म एक टंकी हे। टंकी ले जुड़ के लगाय रहिन,सतनामी समाज कवर्धा के विशाल भोजन भण्डारा के पण्डाल अउ बैनर। कवर्धा महंत जन के नेतृत्व म संचालित यह भोजन भण्डारा हर बछर लगाय जाथे।ए बछर संतजन मन के श्रद्धालूमन के कुछ अधिक उपस्थिति रहिस। पण्डाल म प्रवेश करत ही हमार महंतगण मन के सेवाकार्य और सेवाभाव देखकर हृदय गौरवान्वित हो गय। आदरणीय महंतगण मन ले घात नीक आत्मीय भेंट मुलाकात नमन भजन अभिवादन चर्चा-परिचर्चा कर मन प्रसन्न हो गय। प्रेम पूर्वक भोजन प्रसाद ग्रहण किएन और कुछ यादगार फोटोस भी संग्रहित कर लिएन।
साहित्यकार मित्र कमलेश ढिंढे 'कमल' जी मिलिस, उन बताइन के बने लम्बा समय तक मंच संचालन करिन अभी-अभी मंच ले पण्डाल के तरफ आवत हें । बतावत रहिन- मैं आप लोगन मन ल बहुत याद करत रहेंव गुरुदेव अउ एति- वोति देखत रहेंव घलो, मंच ले कुछ सतनाममय रचनापाठ कर देतव तव आनन्द आ जातिस। कमल जी से ए सुनके विलम्ब के लिए थोड़ा अखरदानी होइस । मेला स्थल म भ्रमण करत बहुत से जान पहचान के संगवारी मन आदरणीयजनमन ले भेंट मुलाकात होइस। कुछ सार्थक परिचर्चा चर्चा मन सुखद अनुभूति दिहीन। वापस लौटत समय ट्रैफिक के कारण देर शाम हो गइस।
छेर-छेरा पुन्नी अवकाश के अच्छा उपयोग हो इस । दिनभर छेर-छेरा पुन्नी, गुरु अमरदास स्मरण करत और मां शाकम्भरी जयंती के बधाई अउ शुभकामना देवत पावत रहेंन। मित्र मन के साथ चटुवापुरीधाम पुन्नी-मेला दर्शन के सुअवसर प्राप्त होइस।आप मन कभु रायपुर से कवर्धा या कवर्धा से रायपुर मार्ग ले गुजरिहव, तव बेमेतरा सिमगा के बीच 12 किमी के बाद जेवनी म किरीतपुर जाय के मार्घ हे, 7किमी के बाद किरीतपुर ओकर आगू 2 किमी म चटुवा धाम परथे|
सिमगा रायपुर मार्ग म सोमनाथ रसदा म सोमनाथ के बाद परथे|नदी के पार|
पास मा कुछ घण्टा समय होवय, तव चटुवापुरी धाम अवश्य जावव , विश्वास करव ए अनुपम अहसास होही। परमपूज्य गुरु घासीदास बाबा के ज्येष्ठ पुत्र गुरु अमरदास बाबा जी के आशीर्वाद अउर सानिध्य प्राप्त होहय। गुरु अमरदास बाबा अपन पूरा जिनगी ल आध्यात्म अउ समाज खातिर समर्पित करे हवँय।बाबा जी पुष पुन्नी के दिन ही समाधी म लीन होगँय| उँकर पुण्य तप के स्मरण म मेला भरथे| ए समय संत समाज अपन गुरु ल यथा शक्ति दान देथें| बाबा अमर दास जी के जनम असाढ़ पुन्नी के मनाय जाथे अउ इही समय समाज के बालक -बालिका मन शिक्षा लेबर गुरुद्वार, गुरुद्वारा जाथें, नवविवाहित दम्पति मन ल नाम पान दे जाथे, सतनाम मंत्र ले दीक्षित होथें सततागाी धारण कर ,गुरु के कंठी ल धारण करथें| ए ला गुरुबनई कहिथन, कानफुकइ के नाम ले घलो जाने जाथे |
अश्वनी कोसरे 'रहँगिया'
कबीरधाम छत्तीसगढ़
छंद के छ परिवार ले जुड़े के मोर अनुभव
छंद के छ परिवार ले जुड़े के मोर अनुभव
छंद के छ परिवार छत्तीसगढ़ के सत्र -12 म अभी अनुभव साझा सप्ताह चलत हे. ये मोर लेख ह ओकरे ले संबंधित हावय
आदरणीय गुरुदेव अरुण कुमार निगम जी, गुरुदेव राम कुमार चंद्रवंशी जी, गुरुदेव महेन्द्र कुमार बघेल मधु जी, गुरुदेव जितेन्द्र वर्मा जी, गुरुदेव चोवा राम वर्मा जी,गुरुदेव दीदी आशा देशमुख जी, गुरुदेव बलराम चंद्राकर,गुरुदेव ज्ञानु मानिकपुरी जी सहित सबो गुरुदेव, गुरु दीदी मन ल सादर प्रणाम करत हंव. जम्मो छंद साधक संगवारी मन ल जय जोहार हे.
सबले पहिलि मंय ह गुरुदेव अरुण कुमार निगम जी अउ गुरुदेव जी मन ले क्षमा चाहता हवं कि अपन अनुभव साझा करे बर देरी कर पड़ेंव. मोला माफी देहू.
फेसबुक, व्हाट्सएप के माध्यम ले मंय ह छंद के छ परिवार के सोर ल जानेंव. 2018 म मंय हा एनराईड फोन खरीदेंव. पर छंद के छ परिवार ले मंय ह सत्र- 12 म जुड़ेव. 24 मई 2020 म ये ग्रुप ह बनिस.
जब मंय ह वरिष्ठ छंदकार, पुरवाही साहित्य समिति पाटेकोहरा, छुरिया के वरिष्ठ सदस्य आदरणीय राम कुमार चंद्रवंशी जी अउ वरिष्ठ छंदकार,साकेत साहित्य परिषद सुरगी के वरिष्ठ सदस्य आदरणीय महेन्द्र कुमार बघेल मधु जी के छंदबद्ध रचना मन ल पढंव अउ सुनवं त मोरो मन ह छंदबद्ध रचना लिखे के होइस. गुरु देव निगम जी अउ छंद के छ परिवार के नीक उदिम ले परीचित होगे रेहेंव. चंद्रवंशी जी, मधु जी ,खैरझिटिया जी ले छंद के छ परिवार ले जुड़े बर का- का नियम ल पालन करे ल पड़थे येकर जानकारी लेंव. ये दौर कोरोना के दौर घलो रिहिस हे. फेर 2020 म अक्ती के पहिली गुरुदेव निगम जी ल मंय ह मेसेज करके अपन इच्छा ल बतायेंव कि गुरुदेव जी मंय ह छंदबद्ध रचना लिखे के इच्छुक हंव. आप मन के अउ छंद के छ परिवार के गजब सोर सुने हंव गुरुदेव जी. ये निरबुद्धि ल घलो शिष्य स्वीकार कर लेतेंव.
अक्ती के दिन गुरूदेव जी ले सुग्घर गोठ बात होइस. गुरुदेव जी ह घलो नियम मन के जानकारी दिस. छंद के छ परिवार के सुग्घर उद्देश्य ल बताइस. गुरु,- शिष्य परंपरा के बारे म जानकारी दिस अउ यहू बात ल जोर देके किहिस कि कोनो ह यदि छंद के छ परिवार म ये उद्देश्य ले जुड़ना चाहत हे कि मंय ह रातों -रात स्टार बन जाहूं त बिल्कुल मत जुड़े. ये मंच ह तो धीरज अउ मिहनत के मंच हरे. जउन मन नियम ल पालन नइ करय ते मन ल रिमूव्ह घलो करथन.
बहरहाल मंय ह गुरुदेव जी के कृपा ले सत्र -12 म जुड़ गेंव. सबले पहिली मात्रा गिने के नियम सिखाय गिस. गुरु अउ लघु वर्ण के गिने के नियम अउ अपवाद ल घलो बताय गिस. येकर अभ्यास ल मंय ह सहज ढंग ले कर लेंव.
फेर दोहा के अभ्यास चालू होइस त मोला अहसास होइस कि छंद लिखना कत्तिक मिहनत के काम हरे. दोहा म गागर म सागर होना चाही. ये बात गुरुदेव मधु जी अउ गुरुदेव चंद्रवंशी जी
ले जब फोन ले गोठ बात होय त बताय. गलती होय या सही भाव नइ पकड़ पातेंव त ग्रुप म अउ पर्सनल नंबर म घलो बने समझा के बताय अउ मिहनत करे बर प्रेरित करय. दोहा ल बने धियान देके अभ्यास करव त आगू के अभ्यास बर बने होही.
अइसे करके अभ्यास काम म आगू बढ़त गेन. परम पूज्य गुरुदेव निगम जी,गुरुदेव मधु जी, गुरुदेव चंद्रवंशी जी, गुरुदेव आशा दीदी जी, गुरुदेव खैरझिटिया जी, गुरुदेव ज्ञानु मानिकपुरी जी मन ह हमन ल सिखाय के गजब सुग्घर उदिम करिन.
जहां तक मोर अभ्यास के बात हे त मंय हा एकदम जादा अभ्यास नइ कर पायेंव. ये बीच म मंय ह गुरुदेव निगम जी अउ आदरणीय सुधीर शर्मा जी द्वारा संचालित छत्तीसगढ़ी लोकाक्षर ग्रुप म जुड़ के गद्य विधा म घलो कलम चलाय लगेंव. वहू ग्रुप म मोला गुरुदेव निगम जी अउ आदरणीय जितेन्द्र वर्मा खैरझिटिया जी ह गजब प्रोत्साहित करिन. गुरुदेव जी के ब्लाग" छंद के छ गद्य खजाना" म मोर दू दर्जन के करीब लेख ल स्थान मिले हवय. येकर खातिर मंय ह गुरुदेव निगम जी अउ खैरझिटिया जी के अंतस ले आभार व्यक्त करत हवं.
सत्र _12 म मोला शिष्य के रुप म जोड़ के जउन उपकार करेंव तेकर आभार करे बर मोर पास शब्द नइ हे.
आप मन के नि: स्वार्थ मिहनत के जतकी तारीफ करंव वोहा कम होही.
कमी मोरे म होगे कि आप मन के अपेक्षानुरूप अभ्यास नइ कर पायेंव. कारन जइसे भी रिहिस होही! ये बात के मोला अहसास हे. आप मन म हमन ल छंदबद्ध रचना सिखाय बर जनउ बीड़ा उठाय रेहे हौ वोकर बर मंय ह आप मन कोटिश: धन्यवाद देवत हवं.
काबर कि मंय ह ये छंद के छ परिवार के माध्यम ले जहां गुरु कुल परंपरा ले साक्षात्कार होय हवं त येकर माध्यम ले
मिहनत, अनुशासन अउ धीरज के गुण ल आत्मसात करे के सुग्घर मौका मिलिस जउन ह मोर जिनगी म काम आवत हे अउ आगू आवत रहि. इही ल मंय ह अपन सबले बड़का उपलब्धि मानथवं.
अंत म छंद के छ परिवार के संस्थापक गुरुदेव निगम जी के नि: स्वार्थ सेवा अउ गुरुदेव चंद्रवंशी जी, गुरुदेव मधु जी, गुरुदेव आशा देशमुख जी, गुरुदेव जितेन्द्र वर्मा खैरझिटिया जी, गुरुदेव ज्ञानु मानिकपुरी जी मन के अथक प्रयास बर अब्बड़ अकन धन्यवाद देवत हवं अउ सबो छंद साधक संगवारी मन ल जय जोहार करत अपन अनुभव साझा ल विराम देवत हवं.
जय छंद के छ परिवार
जय जोहार...
ओमप्रकाश साहू "अंकुर"
छंद साधक, सत्र -12
छंद के छ परिवार छत्तीसगढ़
निवास - सुरगी, राजनांदगांव (छत्तीसगढ़)
मो. 7974666840
Monday, 5 December 2022
दीवाली मिलन समारोह अउ- साधक मन के विचार
Thursday, 1 December 2022
छंद के छ का दीपावली मिलन समारोह संपन्न
[11/28, 10:32 PM] ओम प्रकाश अंकुर: रिपोर्ताज
छंद के छ का दीपावली मिलन समारोह संपन्न
पुस्तक विमोचन और राज्य स्तरीय छंदबद्ध कवि सम्मेलन हुआ
छंद के छ के माध्यम से छत्तीसगढ़ी साहित्य समृद्ध हो रही है - चितरंजन कर
29 नवंबर रविवार को बैस कूर्मि भवन रायपुर में छंद के छ परिवार का दीपावली मिलन समारोहऔर राज्य स्तरीय छंदबद्ध कवि सम्मेलन आयोजित किया गया. संस्था के संस्थापक अरुण कुमार निगम के मार्गदर्शन और वरिष्ठ छंदकार बलराम चंद्राकर, विजेन्द्र वर्मा के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम में 22 जिला के 110 छंदकारों की उपस्थिति रही. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रख्यात भाषाविद् डॉ.चितरंजन कर थे एवं अध्यक्षता अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के प्रदेश संयोजक कमल वर्मा ने की.विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ सुधीर शर्मा विभागाध्यक्ष, हिंदी कल्याण महाविद्यालय भिलाई, विजय मिश्रा अमित प्रसिद्ध रंगकर्मी,पूरन सिंह बैस केन्द्रीय अध्यक्ष,बैस कूर्मि समाज, रामेश्वर शर्मा वरिष्ठ साहित्यकार रायपुर,राम नाथ साहू उपन्यासकार, वरिष्ठ छंदकार सूर्यकांत गुप्ता की उपस्थिति रही.
सभा को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि चितरंजन कर ने कहा कि छंद के छ परिवार के माध्यम से शास्त्रीय कविता की ओर कवियों का बहुत रूझान बढ़ा है. कविता जनमानस में बहुत लोकप्रिय होती है और छंदबद्ध रचना हो जाए तो सोने पे सोहागा हो जाता है. कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कमल वर्मा ने कहा कि जिस प्रकार से छंद के छ परिवार के माध्यम से छत्तीसगढ़ के रचनाकार छंदबद्ध कविता की ओर उन्मुख हुए हैं उनकी जितनी भी प्रशंसा की जाए वह कम है.
डा. सुधीर शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि अरूण निगम ने छंद के छ परिवार के माध्यम से एक आंदोलन खड़ा कर दिया है. इस संस्था के माध्यम से जहां दो सौ से अधिक साहित्यकार छंदबद्ध रचना कर रहे वहीं इसके माध्यम से छत्तीसगढ़ भाषा समृद्ध हो रही है. विजय मिश्रा अमित ने कहा कि अरुण निगम जी का प्रयास स्तुत्य है. जिस तरह से छत्तीसगढ़ के कलमकारों को नि: स्वार्थ भाव से छंद ज्ञान दे रहे हैं वह एक मिसाल है.
सभा को पूरन सिंह बैस, रामेश्वर शर्मा,राम नाथ साहू, सूर्यकांत गुप्ता ने भी संबोधित किया. इससे पहले स्वागत भाषण देते हुए छंद के छ के संस्थापक अरुण कुमार निगम ने संस्था के गठन के उद्देश्य एवं छ: साल की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला. अतिथियों का स्वागत अरुण कुमार निगम ,बलराम चंद्राकर ,विजेंद्र वर्मा , चोवा राम वर्मा बादल,जितेंद्र वर्मा खैरझिटिया, अजय साहू अमृतांशु,ज्ञानु मानिकपुरी, अश्वनी कोसरे, पोखन लाल जायसवाल, संगीता वर्मा ,आशा देशमुख, मनीराम साहू मितान, शोभा मोहन श्रीवास्तव,जगदीश साहू हीरा, ईश्वर साहू आरुग, सुखदेव सिंह अहिलेश्वर, नारायण चंद्राकर,ईश्वर साहू आरुग,नीता अग्रवाल ,महेंद्र कुमार बघेल मधु, राम कुमार चंद्रवंशी,मथुरा प्रसाद वर्मा, ओम प्रकाश साहू अंकुर ने किया. अतिथियों को शाल, श्रीफल स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया.
छंदबद्ध पुस्तक का विमोचन हुआ
इस अवसर पर अतिथियों ने संस्था से जुड़े हुए छंदकारों की छंदबद्ध पुस्तक का विमोचन किया जिसमें बोधन राम निषाद का छंद कटोरा, शुची भवि की़ कृति छंद फुलवारी, द्वारका प्रसाद लहरे का छ़द गीत बहार, जगदीश साहू हीरा की कृति मोर सुग्घर गंवई गांव सम्मिलित है. विमोचित पुस्तकों पर ज्ञानु मानिकपुरी, जितेन्द्र वर्मा खैरझिटिया, अश्वनी कोसरे और मनीराम साहू मितान ने चर्चा की और कृतिकारों का परिचय भी दिया.
कविता पाठ का दौर चला
द्वितीय सत्र में 22 जिला से आए सैकड़ों रचनाकारों ने विभिन्न छंदों में काव्य पाठ कर कविता की रसधार बहाई. छंदकारों को अतिथियों ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया. प्रथम सत्र का संचालनअजय साहू अमृतांशु और कवि सम्मेलन का संचालन संयुक्त रूप से जितेन्द्र वर्मा खैरझिटिया, बलराम चंद्राकर, ईश्वर साहू आरुग , गजराज दास महंत मोहन निषाद, अश्वनी कोसरे ने किया. धन्यवाद ज्ञापन संयोजक द्वय बलराम चंद्राकर और विजेन्द्र वर्मा ने किया.इस अवसर पर छंद के छ परिवार के सैकड़ों छद साधकों की गरिमामयी उपस्थिति रही.
[11/29, 10:08 AM] अश्वनी कोसरे 9: *छंद के छ के दीवाली मिलन समारोह*
पुस्तक विमोचन अउ राज्य स्तरीय छंदबद्ध कवि सम्मेलन होइस सम्पन्न|
रविवार के दिन 27/11/2022 के बैस भवन राजधानी रायपुर मा छंद परिवार के भव्य आयोजन रहिस| कार्यक्रम के विधिवत सुरुआत छत्तीसगढ़ भाखा महतारी के तैल चित्र मा,सबो पहुना मन के द्वारा दीप प्रज्वलित करत,पूजा - अर्चना अउ वंदना ले छंद के छ परिवार के संस्थापक गुरुदेव अरुण कुमार निगम जी के मार्गदर्शन मा होइस|
वरिष्ठ छंदकार बलराम चंद्राकर, विजेन्द्र वर्मा के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम मा 22 जिला के 110 छंदकार मन उपस्थित रहिन.
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रख्यात भाषाविद् डॉ.चितरंजन कर एवं अध्यक्षता अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के प्रदेश संयोजक कमल वर्मा जी मन करीन|विशिष्ट अतिथि के रूप मा डॉ सुधीर शर्मा विभागाध्यक्ष, हिंदी कल्याण महाविद्यालय भिलाई, विजय मिश्रा अमित प्रसिद्ध रंगकर्मी,पूरन सिंह बैस केन्द्रीय अध्यक्ष,बैस कूर्मि समाज, रामेश्वर शर्मा जी वरिष्ठ साहित्यकार रायपुर,राम नाथ साहू जी उपन्यासकार, वरिष्ठ छंदकार सूर्यकांत गुप्ता जी मन रहिन|
अतिथि मन के स्वागत श्री अरुण कुमार निगम,बलराम चंद्राकर,विजेंद्र वर्मा,चोवा राम वर्मा बादल,जितेंद्र वर्मा खैरझिटिया,अजय साहू अमृतांशु,ज्ञानु मानिकपुरी, मीतॎ अग्वाल, पोखन लाल जायसवाल, संगीता वर्मा,आशा देशमुख, मनीराम साहू मितान, शोभा मोहन श्रीवास्तव,जगदीश साहू 'हीरा', ईश्वर साहू 'आरुग', सुखदेव सिंह 'अहिलेश्वर', नारायण वर्मा, श्लेष चंद्राकर,महेंद्र कुमार बघेल मधु, राम कुमार चंद्रवंशी,मथुरा प्रसाद वर्मा, अश्वनी कोसरे,ओम प्रकाश साहू अंकुर मन करीन| अतिथि मन ला शाल-श्रीफल- स्मृति चिन्ह भेंट करत,पुष्प माला ले सम्मानित करे गइस|
अपन स्वागत भाषण देवत हुए छंद के छ के संस्थापक गुरुदेव श्री अरुण कुमार निगम जी संस्था के गठन के उद्देश्य एवं छ: साल के उपलब्धिय उपर प्रकाश डालत बताइन के छंद साधक मन के अब तक 22किताब के विमोचन हो चुके हे|
*छन्द के छ* के दीवाली मिलन समारोह के खास बात
छंद परिवार के साधक मन के सृजित पुस्तक मन के विमोचन रहिस|
ओमप्रकाश अंकुर
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माई पहुना डॉ. चितरंजन कर जी (वरिष्ठ साहित्यकार), पगरइत श्री कमल वर्मा जी (प्रदेश अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राजपत्रित अधिकारी संघ), खास पहुना -इंजी. पूरन सिंह बैस जी (अध्यक्ष बैस कुर्मी क्षत्रिय समाज), डॉ. सुधीर शर्मा जी (हिंदी विभागाध्यक्ष,कल्याण महाविद्यालय भिलाई),श्री विजय मिश्र 'अमित'(सुप्रसिद्ध रंगकर्मी, व्यंग्यकार),श्री अरुण कुमार निगम जी(संस्थापक छन्द के छ)
मन के सानिध्य मा होइस| छंद के छ परिवार के ए आयोजन मा चार किताब मन के विमोचन करे गइस|
जउन कृति मन हवँय -
1)छंद कटोरा श्री बोधन राम निषाद राज विनायक जी
समीक्षक-ज्ञानू दास मानिक पुरी जी
2)मोर सुग्घर गवँइगाँव - जगदीश 'हीरा' साहू
समीक्षक-मनी राम साहू मितान जी
3) छंद गीत बहार -द्वारिका प्रसाद लहरे 'मौज'
समीक्षक- अश्वनी कोसरे 'रहँगिया' जी
4)छंद फुलवारी -सुचि 'भवि'
समीक्षक- जितेंद्र वर्मा खैरझिटिया जी
कृति कार मन के सम्मानकरत संग मा
पुस्तक मन के समीक्षा करे गइस | विस्तार भरे समीक्षा के क्रम मा
जितेंद्र वर्मा खैरझिटिया' जी, मनीराम साहू 'मितान' जी ज्ञानूदास मानिकपुरी जी अउ अश्वनी कोसरे जी मन बढ़िया
समीक्षा अउ पुस्तक चर्चा करिन|
सबो कृतिकार मन ला बधाई अउ शुभकामना दे गइस |
द्वारिका प्रसाद लहरे मौज़ के कृति ' *छंद गीत बहार'* छत्तीसगढ़ी साहित्य के पहली पुस्तक हे जेमा छंद बद्ध गीत सामील हे|
अब पारी रइस पहुना मन के उद्बोधन आशीर्वचन के-
माई पहुना भाषा विद, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ चितरंजन कर सर कहिन
छंद के छ के परिवार के साधना, समर्पण अउ सरलग प्रयास ले छत्तीसगढ़ी भाखा अउ साहित्य हर समृद्ध होवत हे|
भाषा के विकास बर ए उदिम अनुकरणीय अउ सराहनीय हें| पुरखा मन के पद चिन्हा मा चल के ही हमर भाषा मान पाही|
लोक अभिनेता, रंघकर्मी श्री विजय मिस्र अमित जी कहींन के प्रतिस्पर्धा स्वस्थ भाव ले होवय ककरो पांव नइ खींचना हे जउन आगे बढ़त हें ओला पूरा सहयोग देवव अउ संगय मा चले के प्रयास करव|
खास पहुना सुधीर शर्मा जी कहिन के छंद के छ किताब के प्रकाशन के बाद ही छंद के सीखे सिखाए के आंदोलन चलीस| आज ए विशाल पेड़ कस झलार करत हे|
कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय अध्यक्ष श्री कमल वर्मा जी कहिन, छत्तीसगढ़ मा पहली बार शुद्ध रूप ले केवल साहित्यक सम्मेलन आज होवत हे -छंद परिवार ल बधाई देवत कहिन सरलग बनाए रखे के बात कहिन| माटीपूत जनकवि
लक्षमन मस्तुरिया जी ला याद करत मोर संग चलव के गीत ल प्रस्तुत करिन|
जउन प्रकार ले छंद के छ परिवार के माध्यम ले छत्तीसगढ़ के रचनाकार छंदबद्ध कविता के डहर उन्मुख होवत हें उनकर जितना भी प्रशंसा करे जाय कम हे|अरुण निगम जी के प्रयास स्तुत्य हे जउन मन छत्तीसगढ़ के कलमकार मन ला नि: स्वार्थ भाव ले छंद ज्ञान देवथ हें| वो एक मिसाल हे| आदरणीय श्री
पूरन सिंह बैस,रामेश्वर शर्मा जी,राम नाथ साहू जी मन घलो संबोधित करे गइस |
भोजन के बाद
दुसराइया सत्र मा 22 जिला ले आए रचनाकार मन विविध छंद मनके काव्य पाठ करत सुमधुर रसधारा बोहाइन|सबो छंदकार मन के प्रस्तुती अनुपम अउ अदभूत रहिस|छंदकार मन ला पहुना मन प्रशस्ति पत्र देवत सम्मानित करिन| पहली सत्र के संचालन श्री अजय साहू अमृतांशु जी अउ कवि सम्मेलन के संचालन जितेन्द्र वर्मा खैरझिटिया, बलराम चंद्राकर, ईश्वर साहू आरुग,गजराज दास महंत, अश्वनी कोसरे, मोहन मयारू जी मन करीन|
समापन के घड़ी लकठियावत रहय तव
गुरुदेव श्री अरुण कुमार निगम जी के असीष मिलिस|
अपन उद्बोधन मा गुरुदेव जी छत्तीसगढ़ी के समृद्धि बर ए आंदोलन ला खास सहयोग करत कलम चलाय बर कहिन|
शेष रहना हे तव विशेष लिखव- पहिचान के चिंता झन करव , समय खुद मुल्यांकन कर लिही|
छंद के छ परिवार अपन महिनत अउ करम के सच्चा सेवा खातिर ही जाने जावय|
आभार संग धन्यवाद ज्ञापन संयोजक द्वय श्री बलराम चंद्राकर जी अउ विजेन्द्र वर्मा जी मन करिन|
छंद परिवार के मया दुलार आपसी भाईचारा अउ सहयोग ले सुसज्जित आयोजन सौ ले आगर छंद साधक मन के प्रभावी,अनुशासित अउ गरिमापूर्ण उपस्थिति रहिस|
अश्वनी कोसरे 'रहँगिया'
कवर्धा कबीरधाम
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राजनांदगांव म छंद चंदैनी के होइस विमोचन *मोर अनुभव अउ भाव ,मनोदशा* गुरु के महिमा ल तो शेष शारद नई कर सकय तो मोर का हस्ती। गुरुदेव ला कोटिश...
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इतवार के दिन दिनाँक- 04-05-2025 के स्थान- वृन्दावन हाल रायपुर में छत्तीसगढ़ के लगभग 22जिला के कवि लेखक छंदकामन संघरे लहीन| ‘छंद के छ’ परि...


















































